महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज MOI GROUP महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज

गाढ़ी खल, गाढ़ो दूध

नागौर की सर्वप्रथम व सुप्रसिद्ध कपासिया खल। 1983 से वही कच्ची घाणी, वही भरोसा।

  • 1983 से
  • नागौर, राजस्थान
  • 50 KG बोरी
  • 365 दिन उत्पादन
43+
साल का अनुभव
2,500+
बोरी प्रतिदिन
100%
गुणवत्ता की गारंटी

हमारा उत्पाद

कपासिया खल

कपास (बिनोला) से निकाली गई कच्ची खल — पशुओं के लिए प्राकृतिक आहार।

महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज में कपासिया खल पारंपरिक कच्ची घाणी विधि से तैयार होती है। बिनोले को धीमी गति से पेरा जाता है, जिससे खल में तेल की मात्रा बनी रहती है और उसकी प्राकृतिक बनावट नहीं टूटती।

यही खल दूधियों और डेयरी यूनिटों की पहली पसंद है — दूध की मात्रा और उसमें घी-मक्खन की गाढ़ाहट, दोनों के लिए।

रेट व उपलब्धता पूछें
एक्सपेलर से निकलती ताज़ा कपासिया खल — महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज

उत्पाद विवरण

उत्पादकपासिया खल (कपास/बिनोला की खल)
रूपकच्ची खल — स्लैब व दाना
विधिपारंपरिक कच्ची घाणी (कोल्ड-प्रेस)
पैकिंग50 KG बोरी
उत्पादन स्थलनागौर, राजस्थान (NH-89)
उपलब्धता365 दिन

पैकिंग और आपूर्ति की मात्रा आवश्यकतानुसार तय की जा सकती है। थोक ऑर्डर के लिए संपर्क करें।

कच्ची खल और साधारण खल में फ़र्क़

कच्ची खल (MOI)
साधारण / सॉल्वेंट खल
कच्ची घाणी से धीमी पेराई
तेज़ गर्मी व रासायनिक विलायक से निष्कर्षण
तेल की मात्रा खल में बनी रहती है
तेल लगभग पूरा निकाल लिया जाता है
प्राकृतिक बनावट व ख़ुशबू बरकरार
सूखी, भुरभुरी बनावट
पशु आसानी से खाता है
स्वाद फीका, खपत कम
महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज के प्लांट की छत पर सोलर पैनल, नागौर

हम क्यों

नागौर की मिट्टी, नागौर की घाणी

कपास की पट्टी के बीचोंबीच, NH-89 पर — जहाँ बिनोला खेत से सीधे घाणी तक पहुँचता है।

पारंपरिक कच्ची घाणी

धीमी, ठंडी पेराई। वही तरीक़ा जो 1983 में शुरू हुआ था — इसलिए खल में तेल और प्राकृतिक गुण दोनों बचे रहते हैं।

ताज़ा उत्पादन, 365 दिन

साल भर चलने वाला प्लांट। खल स्टॉक में पड़ी-पड़ी पुरानी नहीं होती — ताज़ी बनती है, ताज़ी जाती है।

सोलर-संचालित प्लांट

प्लांट की छत पर लगे सोलर पैनल से उत्पादन — कम लागत, कम कार्बन, स्थिर आपूर्ति।

सीधा स्रोत, पारदर्शी काम

बिनोले की ख़रीद से लेकर बोरी की सिलाई तक — पूरी प्रक्रिया अपने ही परिसर में।

1983

विरासत

1983 से नागौर में

महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज की शुरुआत 1983 में नागौर में हुई — एक घाणी, एक परिवार और एक ही ज़िद: खल में मिलावट नहीं।

चार दशक बाद भी वही विधि चल रही है। मशीनें बड़ी हुईं, पैमाना बढ़ा, पर खल बनाने का तरीक़ा वही रहा। यही वजह है कि नागौर और आसपास के दूधिये आज भी नाम से खल माँगते हैं।

“नागौर की सर्वप्रथम व सुप्रसिद्ध खल”

फ़ैक्ट्री की दीवार पर, नागौर
महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज का मुख्य द्वार, NH-89 नागौर

किनके लिए

हमारे ख़रीदार

दूधिये व पशुपालक

जिनकी कमाई सीधे दूध की मात्रा और फैट पर टिकी है।

डेयरी व मिल्क यूनिट

जिन्हें साल भर एक जैसी गुणवत्ता की खल, तय मात्रा में चाहिए।

वितरक व थोक व्यापारी

जो अपने क्षेत्र में भरोसेमंद नाम की खल बेचना चाहते हैं।

50 किलो की बोरियों में भरी कपासिया खल, गोदाम — नागौर

पूछताछ

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नाम, फ़ोन और ज़रूरत बता दीजिए — हम ख़ुद संपर्क कर लेंगे। चाहें तो सीधे WhatsApp पर लिख दीजिए।

बोरी में भरी ताज़ा कपासिया खल की बनावट

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संपर्क

नागौर आइए, घाणी देखिए

पता
महेश्वरी ऑयल इंडस्ट्रीज, NH-89, नागौर, राजस्थान
नक़्शे पर देखें
फ़ोन
+919462301727
ईमेल
info@moigroup.in
समय
सोम–शनि, सुबह 9 से शाम 7 · उत्पादन 365 दिन
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